
धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर बोड़ला में कांग्रेस का सांकेतिक चक्का जाम।
मिलन चौक पर दो घंटे तक रहा राष्ट्रीय राजमार्ग 30 ठप, सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता हुए शामिल।
बोड़ला छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार शुक्रवार को बोड़ला के मिलन चौक में धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा सांकेतिक चक्का जाम किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष नवीन जायसवाल एवं ब्लॉक अध्यक्ष छवि वर्मा ने किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर प्रदेश के सभी विकासखंडों में एक साथ धान खरीदी को लेकर सांकेतिक चक्का जाम किया गया। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण किसान गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं और धान खरीदी की तिथि बढ़ाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से शासन पर दबाव बनाने के लिए यह आंदोलन किया गया।
बोड़ला नगर के तहसील एवं एसडीएम कार्यालय के सामने स्थित मिलन चौक पर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में करीब दो घंटे तक चक्का जाम रहा। इस दौरान लगभग एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री बसों सहित छोटी गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही। हालांकि एंबुलेंस, परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों एवं दिव्यांगजनों को कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आने-जाने की अनुमति दी गई।
इस दौरान कबीरधाम जिले के कलेक्टर गोपाल वर्मा भी चक्का जाम में फंस गए। वे अपनी गाड़ी खड़ी कर पैदल ही आगे बढ़ते हुए नजर आए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई। इस संबंध में जब पत्रकारों ने जिला अध्यक्ष नवीन जायसवाल से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि किसानों के ज्वलंत मुद्दे पर प्रशासन की प्रतिक्रिया उनके विवेक पर निर्भर करती है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी आज सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। इसके अलावा सहकारी समितियों में चूहों द्वारा करोड़ों रुपए का धान नुकसान किए जाने का मामला भी गंभीर है, जिसको लेकर सरकार और प्रशासन को घेरा गया। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ किसान विरोधी नीतियों को लेकर जमकर नारेबाजी की गई।
कार्यक्रम में जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारियों के अलावा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र साहू, सुधांशु बघेल, लखन ठाकुर, वरिष्ठ कांग्रेसी डाकोर चंद्रवंशी, मन्नू चंद्रवंशी, महेश चंद्रवंशी, शिव प्रसाद वर्मा, दीपक माग्रे, तुकाराम चंद्रवंशी, बंटी खान, रामचरण साहू, नीलकंठ साहू, गोरे चंद्रवंशी, जुबी खान, राजेंद्र चंद्रवंशी, पवन चंद्रवंशी, अश्वनी वर्मा, धनराज वर्मा, सूरज वर्मा, अमित वर्मा, लोकेश वर्मा, छोटू वर्मा, सुखनंदन निर्मलकर, नरेंद्र चंद्रवंशी, श्याम मसराम, परमेश्वर मानिकपुरी, शिवेंद्र वर्मा सहित दलदली, तरेगांव, कुसुमघटा, मड़मड़ा, राजानवागांव, खैरबना, भोरमदेव सहित सभी मंडलों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



